भुवनेश्वर, 19 मई । आवास व शहरी विकास विभाग ने ओडिशा राइट टू पब्लिक सर्विसेज फ्रेमवर्क के तहत अधिसूचित 30 नागरिक सेवाओं में लगभग 94 प्रतिशत समयबद्ध सेवा प्रदान कर डिजिटल सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
भुवनेश्वर में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में आवास एवं शहरी विकास मंत्री डॉ कृष्ण चंद्र महापात्र ने विभिन्न शिकायत प्रबंधन प्रणाली सहित विभिन्न डिजिटल सेवा प्लेटफॉर्मों के कार्यान्वयन और दक्षता की समीक्षा की।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, 1 अप्रैल 2024 से 27 अप्रैल 2026 के बीच कुल 6.59 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 6.05 लाख आवेदनों का निर्धारित सर्विस लेवल एग्रीमेंट अवधि के भीतर निपटारा किया गया, जबकि 10,916 आवेदन अभी लंबित हैं, लेकिन वे निर्धारित समयसीमा के भीतर हैं।
ट्रेड लाइसेंस सेवा ने सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए प्राप्त सभी 57,715 आवेदनों का 100 प्रतिशत समयबद्ध निपटारा किया और कोई भी आवेदन लंबित नहीं रहा। सर्वाधिक मांग वाली जल एवं सीवरेज कनेक्शन सेवाओं में 5.02 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 96 प्रतिशत मामलों का तय समय में निपटारा किया गया। वहीं सीवरेज कनेक्शन और प्रॉपर्टी टैक्स न्यू असेसमेंट सेवाओं में क्रमशः 98 प्रतिशत और 96 प्रतिशत समयबद्ध अनुपालन दर्ज किया गया।
बैठक में ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम की भी समीक्षा की गई। लो-रिस्क भवन योजना अनुमोदन में 41 प्रतिशत आवेदन समय पर स्वीकृत हुए, जबकि अन्य श्रेणियों में यह आंकड़ा 31 प्रतिशत रहा। ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट के मामलों में 23 प्रतिशत आवेदन निर्धारित समय-सीमा में स्वीकृत किए गए।
बैठक में डॉ. महापात्र ने कहा कि नागरिकों की सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी शहरी स्थानीय निकायों और विकास प्राधिकरणों को लंबित मामलों के समाधान में तेजी लाने तथा तय समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अतिरिक्त मुख्य सचिव उषा पाढी ने कहा कि विभाग पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक-केंद्रित शहरी प्रशासन को मजबूत करने के लिए डिजिटल गवर्नेंस प्रणाली को लगातार सुदृढ़ कर रहा है।
