हरिद्वार, 19 मई । धर्म नगरी हरिद्वार इन दिनों श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना के रंग में रंगी हुई है। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर हर की पैड़ी स्थित मालवीय घाट पर मां गंगा के तट पर श्रीगंगा सभा के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महापुराण के दूसरे दिन भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा के दौरान पूरा वातावरण भक्ति रस में सराबोर नजर आया।
मन्माधव गौडेश्वर वैष्णवाचार्य पुण्डरीक गोस्वामी महाराज ने श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि भागवत कथा केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला दिव्य मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि कलियुग में भगवान के नाम का स्मरण और कथा श्रवण ही मनुष्य को दुखों से मुक्ति दिला सकता है। मनुष्य को अपने जीवन का प्रत्येक क्षण अच्छे कर्मों और प्रभु भक्ति में लगाना चाहिए।
कथा के दूसरे दिन जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि भी कथा में पहुंचे। श्रीगंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ सहित विभिन्न पदाधिकारियों ने उनका स्वागत कर आशीर्वाद प्राप्त किया। गंगा आरती के पश्चात जैसे ही कथा प्रारंभ हुई, हर की पैड़ी का पूरा वातावरण राधे-राधे और हरे कृष्ण के जयकारों से गूंज उठा। भजन-कीर्तन ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। कथा व्यास का पूजन श्रीगंगा सभा के पदाधिकारियों के साथ अमृतसर के अग्रवाल परिवार द्वारा किया गया।
इस अवसर पर तन्मय वशिष्ठ ने कहा कि भागवत कथा न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत कर रही है, बल्कि समाज में प्रेम, सद्भाव और संस्कारों का संदेश भी दे रही है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं एवं अग्रवाल परिवार के लिए मां गंगा से मंगलकामना की।
कार्यक्रम में श्रीगंगा सभा के उपाध्यक्ष हनुमंत झा, स्वागत मंत्री सिद्धार्थ चक्रपाणि, समाज कल्याण मंत्री विकास प्रधान, प्रचार मंत्री गोपाल प्रधान सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने कथा श्रवण कर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त किया और गंगा घाट पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूबा दिखाई दिया।
