राजिम 06 फ़रवरी । माघ पूर्णिमा से लेकर महाशिवरात्रि तक चलने वाले राजिम कुम्भ कल्प पर्व के रौनकता देखते ही बन रहीं हैं। साधु संतो के आने का सिलसिला शुरू हो चुका हैं। 7 फरवरी दिन शनिवार को नागा साधुओं द्वारा पेशवाई निकालने की तैयारी जोरशोर से चल रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक अखाड़ों के साधु संत शहर के गरियाबंद रोड में स्थित दत्त भक्तों के श्रध्दा के केन्द्र दत्तात्रेय मंदिर सुबह 9 बजे से एकत्रित होने का क्रम प्रारंभ हो जाएगा और पूजा अर्चना की जायेगी। दत्तात्रेय मंदिर के सर्वराकार रामकुमार पुरी गोस्वामी ने बताया कि भगवान दत्तात्रेय के छोटी प्रतिमा को पालकी में रखकर पेशवाई निकलेगी। सैकड़ो की संख्या में कुम्भ में आने वाले सभी नागा साधुओं के लिए टेंट लगाकर छाया की व्यवस्था की जा रही हैं । जब से कुम्भ शुरू हुआ हैं तब से लगातार नागा साधुओं की पेशवाई यहीं से निकल रही हैं । महामाया चौक, गोवर्धन चौक, गायत्री मंदिर होते हुए वीआईपी रोड से सीधे लोमश ऋषि आश्रम पहुंचेंगे।
इस दौरान नागा साधुओं द्वारा शस्त्र प्रदर्शन किया जाएगा। राजिम के नागरिकों द्वारा पेशवाई गुजरने वालों मार्गों में पुष्प वर्षा कर स्वागत किया जाएगा। इसे लेकर लोगों में खास तौर से उत्सुकता देखी जा रही हैं। उल्लेखनीय हैं कि पेशवाई यानी राजसी शानो शौकत के साथ संतो का कुम्भ में प्रवेश करना होता हैं। पेशवाई शाही रूप में राजा महाराजो की तरह पैदल, घोड़े और रथो से निकाली जाती हैं और श्रध्दालु उनके मार्ग में स्वागत सम्मान करते हैं। ये संत अपने अपने अखाड़ो से ध्वजा लेकर अपनी सेना और परंपराओं के साथ निकलते हैं। माना जाता हैं कि कुम्भ मेला में पेशवाई के साथ ही साधु संत धार्मिक अनुष्ठान तथा अन्य कार्य में रत हो जाते हैं।
