जगदलपुर, 06 फ़रवरी । छत्तीसगढ़ का बस्तर अपनी सभ्यता, परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य के उत्सव 'बस्तर पण्डुम 2026' के लिए पूरी तरह तैयार है। शनिवार 7 फरवरी को होने वाले इस समारोह की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु होंगी।
संस्कृति विभाग और छत्तीसगढ़ शासन की ओर से 'प्रकृति और परंपरा के उत्सव' के रूप में मनाए जा रहे 'बस्तर पण्डुम 2026' का शुभारंभ समारोह शनिवार 7 फरवरी को सुबह 11 बजे आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन न केवल बस्तर बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण होगा, जहां आधुनिकता के साथ-साथ माटी की सुगंध भी बिखरेगी। इस समारोह की भव्यता और गरिमा को बढ़ाने के लिए देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में विशेष रूप से बस्तर पधारेंगी। राष्ट्रपति की उपस्थिति इस सांस्कृतिक महाकुंभ को राष्ट्रीय पटल पर नई पहचान दिलाएगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल रमेन डेका करेंगे। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू उपस्थित रहेंगे। इनके साथ ही उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, मंत्री राजेश अग्रवाल तथा केदार कश्यप भी मंच की शोभा बढ़ाएंगे।
बस्तर सांसद महेश कश्यप, कांकेर सांसद भोजराज नाग सहित विधायक किरण सिंह देव, लता उसेंडी, विक्रम उसेंडी, नीलकंठ टेकाम, आशाराम नेताम, चैतराम अटामी, विनायक गोयल, सावित्री मनोज मंडावी, लखेश्वर बघेल और विक्रम मंडावी अपनी गरिमामयी उपस्थिति देंगे। जगदलपुर महापौर संजय पांडेय तथा निगम-मंडल और आयोगों के सदस्यों की मौजूदगी में यह समारोह 'प्रकृति और परंपरा' के अनूठे संगम का साक्षी बनेगा।
संस्कृति विभाग और छत्तीसगढ़ शासन ने आम नागरिकों से इस ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी बनने की अपील की है। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर बस्तरवासियों में भारी उत्साह है, वहीं प्रशासन की ओर से यातायात और स्वागत की चाक-चौबंद व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
