पटना, 10 फरवरी। बिहार विधानमंडल में बजट सत्र के छठवें दिन विधानसभा में मंगलवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष के विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया।
माले विधायक संदीप सौरभ ने कहा, विपक्ष एकजुट होकर कार्य स्थगन प्रस्ताव विधानसभा में लाया है। हम सभी चाहते हैं कि सभी मुद्दों को दरकिनार कर महिला उत्पीड़न के मामले पर चर्चा कराई जाए।
हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार ने मार्शल को बुलाया है, और पोस्टर हटाने को कहा। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, आपलोगों को मौका मिलेगा शून्यकाल में मुद्दे को उठाइएगा।
दूसरी ओर संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी सदन में खड़े होकर कहा कि ‘विपक्ष नारे लगा रहा है कि सीएम जवाब दें लेकिन इसकी एक प्रक्रिया है। विपक्ष तय नियमावली के तहत सवाल उठाए। सरकार जबाव देने के लिए तैयार है।
विजय चौधरी ने कहा, 'विपक्ष के साथी उलझन की स्थिति में हैं। वे सरकार से जवाब की मांग रहे थे। सरकार किसी भी मामले में जवाब देने के लिए तैयार है। कई मिनटों पर बैठने के बाद पता नहीं उन्हें क्या सूझा कि अचानक से उठ कर चले गए। जब बैठ गए तो क्यों चले गए। उलझन में हैं। इसी उलझन का प्रदर्शन उनके आचरण में दिखता है।'
चनपटिया से कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन बिहार सरकार का पुतला लेकर सदन पहुंचे हैं। इसमें हाल में हुए क्राइम की लिस्टिंग भी की गई है। पुतले को चूड़ियां भी पहनाई गई हैं, साथ ही पोस्टर लगा है। जिसमें लिखा- माफी चाहते हैं, हम बिहार की बेटियों को न्याय नहीं दिला पा रहे।
सोमवार को विधान परिषद में मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के बीच हुई तीखी बहस को पूर्व मंत्री श्याम रजक ने देवर-भौजाई का मामला बताया। उन्होंने कहा, विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। बस चेहरा चमकाने की कोशिश की जा रही है।
दूसरी तरफ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी 12 बजे विधानसभा पहुंचेंगे। मुख्य द्वार पर सत्तारूढ़ दल के सभी सचेतक उनका स्वागत करेंगे, फिर उन्हें सदन में लाया जाएगा।
