भोपाल, 17 फ़रवरी । देश में आपातकाल की घोषणा के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर हिन्दुस्थान समाचार द्वारा एक विशेष वैचारिक आयोजन किया जा रहा है। ‘आपातकाल और युवा’ विषय पर केंद्रित यह राष्ट्रीय विमर्श गुरुवार, 19 फरवरी 2026 को भोपाल में आयोजित होगा, जिसमें देश के प्रबुद्धजनों, चिंतकों और जनप्रतिनिधियों के बीच व्यापक चर्चा होगी।
कार्यक्रम दोपहर दो बजे सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी, रायसेन रोड परिसर में आयोजित किया जाएगा। आयोजन का उद्देश्य आपातकाल के ऐतिहासिक संदर्भ, उसके सामाजिक-राजनीतिक प्रभाव और वर्तमान युवा पीढ़ी के लिए उससे मिलने वाले संदेशों पर गंभीर मंथन करना है। आयोजकों के अनुसार, यह विमर्श लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों की समझ को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल की स्मृति में हर वर्ष 25 जून को “संविधान हत्या दिवस” के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा देश में आपातकाल लागू किया गया था। इस दौरान मौलिक अधिकारों पर प्रतिबंध लगाए गए, प्रेस पर सेंसरशिप लागू हुई और अनेक राजनीतिक नेताओं को गिरफ्तार किया गया। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य उस दौर में लोकतंत्र पर पड़े गहरे प्रभाव को स्मरण करना, संविधान की सर्वोच्चता को रेखांकित करना तथा नागरिकों, विशेषकर युवाओं को लोकतांत्रिक स्वतंत्रताओं की रक्षा के प्रति सजग रहने का संदेश देना है।
इस विशेष कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरकार्यवाह एवं वर्तमान अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश भैयाजी जोशी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे। वे आपातकाल के दौर के अनुभव, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और राष्ट्र निर्माण में युवा शक्ति की भूमिका पर अपने विचार साझा करेंगे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल होंगे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में उपमुख्यमंत्री डॉ. राजेंद्र शुक्ल तथा पूर्व राज्यसभा सदस्य एवं लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीेय अध्यक्ष कैलाश सोनी की उपस्थिति रहेगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता हिन्दुस्थान समाचार समूह के अध्यक्ष अरविंद मार्डिकर करेंगे।
इस संबंध में आयोजक एवं हिन्दु्स्थामन समाचार के समूह संपादक वरिष्ठ पत्रकार पद्म भूषण, पद्म श्री राम बहादुर राय का मानना है कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय रहा है, जिसके अनुभव और सबक को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है। इस आयोजन के माध्यम से युवाओं को यह समझाने का प्रयास किया जा रहा है कि लोकतंत्र की मजबूती में उनकी क्या भूमिका हो सकती है और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए समाज को किस प्रकार सजग रहना चाहिए।
गौरतलब है कि हिन्दुस्थान समाचार इससे पहले दिल्ली और गुजरात में भी इसी विषय पर सफल आयोजन कर चुका है। भोपाल का यह कार्यक्रम उसी श्रृंखला की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। इसमें शिक्षाविदों, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, विद्यार्थियों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की भागीदारी अपेक्षित है।
आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों, विशेषकर युवाओं से कार्यक्रम में शामिल होकर इस ऐतिहासिक विषय पर होने वाले संवाद का हिस्सा बनने का आह्वान किया है, ताकि लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण अध्याय से मिली सीख आने वाली पीढ़ियों तक प्रभावी रूप से पहुंच सके।
