नैनीताल, 16 फ़रवरी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश की आधिकारिक ई मेल पर न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सोमवार सुबह प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही नैनीताल, हल्द्वानी और रामनगर के न्यायालय परिसरों को एहतियातन खाली करा लिया गया।
शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि सुबह 8:41 बजे प्राप्त ईमेल को 10 बजे खोला गया, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचित किया गया। ईमेल में न्यायाधीश कक्ष में विस्फोटक लगाए जाने का दावा किया गया था। सूचना मिलते ही जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी को अवगत कराया। इसके बाद मानक कार्यप्रणाली के तहत पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड ने जिला एवं सत्र न्यायालय नैनीताल, हल्द्वानी जजी न्यायालय और रामनगर न्यायालय परिसर में सघन तलाशी अभियान चलाया।
कई घंटे चली जांच के दौरान किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा परिसर को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद अपराह्न लगभग 2 बजे से न्यायिक कार्य पुनः सामान्य रूप से शुरू कर दिया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजुनाथ टीसी ने कहा कि धमकी प्रथम दृष्टया सामान्य प्रकृति की प्रतीत हो रही है। पुलिस ईमेल के स्रोत की तकनीकी जांच कर रही है और सभी पहलुओं पर गंभीरता से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने आमजन से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराने की आवश्यकता नहीं है। घटना ने न्यायालय परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था और साइबर माध्यम से मिल रही धमकियों के प्रति सतर्कता की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित किया है। पुलिस ने बताया कि मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
