शिमला, 16 फ़रवरी । हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार दोपहर 2 बजे से शुरू हो रहा है और पहले चरण में इसकी कार्यवाही तीन दिन चलेगी। हालांकि सरकार के पास यदि अतिरिक्त विधायी और अन्य सरकारी कामकाज आता है तो सत्र की अवधि आगे भी बढ़ाई जा सकती है।
तय कार्यक्रम के मुताबिक पहले दिन की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। इसमें 2025-26 के वित्त वर्ष के लिए प्रदेश सरकार की उपलब्धियों, नीतिगत प्राथमिकताओं और नई व्यवस्थाओं का ब्यौरा रखा जाएगा। संसदीय परंपरा के अनुसार यह अभिभाषण राज्य सरकार द्वारा तैयार किया जाता है और राज्यपाल उसे सदन में पढ़ते हैं। इसके बाद पूर्व सदस्य स्वर्गीय भगत राम चौहान के निधन पर शोक प्रस्ताव लाया जाएगा। कार्यसूची में आज के दिन साप्ताहिक सरकारी कामकाज पर वक्तव्य, दो स्वीकृत विधेयकों—हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (संशोधन) विधेयक, 2025 और कारागार (हिमाचल प्रदेश संशोधन) विधेयक, 2020—को पटल पर रखना, साथ ही हिमाचल प्रदेश नगर निगम (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2025 और भू-संपदा (विनियमन और विकास) हिमाचल प्रदेश संशोधन विधेयक, 2025 पर पुनर्विचार का प्रस्ताव भी शामिल है। पहले ही दिन ‘आरडीजी’ यानी राजस्व अनुदान घाटा का मुद्दा नियम 102 के तहत सरकारी संकल्प के रूप में चर्चा के लिए लाया जाएगा, जिसमें यह कहा गया है कि 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर मिल रहा राजस्व घाटा अनुदान 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप आगामी वित्त वर्ष से बंद किया जा रहा है। इससे राज्य की आर्थिक स्थिति पर असर पड़ सकता है। इस मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है, क्योंकि सत्तापक्ष केंद्र सरकार पर हमलावर है, जबकि विपक्ष राज्य सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाने की तैयारी में है।
सत्र से पहले विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया सर्वदलीय बैठक बुलाकर सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने की अपील करेंगे और दोनों प्रमुख दल अलग-अलग बैठकें कर रणनीति तय करेंगे। अध्यक्ष के अनुसार अब तक 125 प्रश्न सदस्यों की ओर से प्राप्त हो चुके हैं। सत्र को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और विधानसभा परिसर में 600 से अधिक पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है।
