देहरादून, 16 फरवरी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी व नैनीताल जिलों के न्यायालय परिसरों और प्रमुख भवनों को बम से उड़ाने की धमकीभरा ईमेल मिलने के बाद पुलिस-प्रशासन अलर्ट हो गया है। सोमवार को संबंधित जिलों में न्यायालय परिसरों और अन्य संवेदनशील स्थलों पर सघन तलाशी अभियान चलाया गया। कहीं भी विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राज्य मुख्यालय देहरादून से सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को सतर्क रहने और सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा के निर्देश जारी किए गए हैं। सार्वजनिक स्थलों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और न्यायालय परिसरों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धमकी की सत्यता की जांच की जा रही है। साइबर सेल ईमेल और संदेशों की तकनीकी पड़ताल में जुटी है ताकि प्रेषक की पहचान की जा सके। फिलहाल किसी भी स्थान पर विस्फोटक सामग्री मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी थाने को दें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
नैनीताल में शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सुशील कुमार शर्मा ने बताया कि सुबह ईमेल मिलने के बाद तत्काल पुलिस को सूचित किया गया। इस ईमेल में न्यायाधीश कक्ष में विस्फोटक लगाए जाने का दावा किया गया था। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी को इसकी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड ने जिला एवं सत्र न्यायालय नैनीताल, हल्द्वानी जजी न्यायालय और रामनगर न्यायालय परिसर में सघन तलाशी ली, लेकिन कई घंटे की जांच के बाद किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई। इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजुनाथ टीसी ने बताया कि धमकी प्रथमदृष्टया सामान्य प्रकृति की प्रतीत हो रही है। पुलिस ईमेल के स्रोत की तकनीकी जांच कर रही है।
उत्तरकाशी जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल साेमवार सुबह मिलने के बाद कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया। जिला जज ने इसकी जानकारी तुरंत पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी कमलेश उपाध्याय को दी। इस पर पुलिस ने अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और आमजन को सुरक्षित बाहर निकाला और एहतियातन पूरा परिसर खाली कराया। इसके पुलिस बल ने सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय ने बताया कि एहतियातन न्यायालय परिसर को खाली कराकर तलाशी ली गई। कोतवाली प्रभारी भावना कैंथोला ने बताया कि प्रारंभिक तलाशी में अब तक कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है
आईजी और पुलिस के प्रवक्ता सुनील कुमार मीणा ने हिन्दुस्थान समाचार से बातचीत में बताया कि उत्तरकाशी और नैनीताल जिलों के न्यायालयों को धमकी भरे संदेश प्राप्त हुए हैं। सूचना मिलते ही संबंधित जिलों में पुलिस और डॉग स्क्वॉड की टीमें मौके पर पहुंचकर सघन चेकिंग की है। धमकी मिलने के बाद पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है। उन्होंने बताया कि धमकी की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू से जांच की जा रही है। साइबर माध्यम से प्राप्त संदेशों की तकनीकी पड़ताल भी की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाएगी। पुलिस ने आमजन से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।
