बेंगलुरु, 16 फरवरी । कर्नाटक के कई जिलों के न्यायालयों को ईमेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिलने से सोमवार को राज्यभर में हड़कंप मच गया। एहतियात के तौर पर सभी प्रभावित अदालत परिसरों को खाली कराकर व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया और कुछ समय के लिए न्यायिक कार्यवाही रोक दी गई। तलाशी में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिलने के बाद कार्यवाही पुनः शुरू कर दी गई।
धमकी भरे ईमेल चित्रदुर्ग, धारवाड़, हावेरी, दावणगेरे, मडिकेरी और मंड्या जिला न्यायालयों को भेजे गए थे। ईमेल में विस्फोट की चेतावनी दी गई थी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं।
चित्रदुर्ग जिला न्यायालय में ईमेल के जरिए दोपहर में विस्फोट की धमकी दी गई थी। सूचना मिलते ही न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड ने पूरे परिसर की गहन जांच की, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। प्रारंभिक जांच में इसे फर्जी धमकी माना जा रहा है।
इसी प्रकार कर्नाटक उच्च न्यायालय की धारवाड़ पीठ को भी धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। एहतियात के तौर पर अदालत परिसर खाली कराया गया और सुनवाई अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई। तलाशी के बाद जब कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली, तो न्यायिक कार्यवाही पुनः शुरू कर दी गई। प्रवेश से पहले वकीलों और वादियों की सघन जांच भी की गई।
दावणगेरे जिला न्यायालय को भेजे गए ईमेल में दोपहर 12:30 बजे आरडीएक्स से विस्फोट करने की धमकी दी गई थी। इसके बाद अतिरिक्त जिला न्यायालयों की कार्यवाही अस्थायी रूप से रोक दी गई और पूरे परिसर की जांच की गई।
मंड्या जिला न्यायालय परिसर में भी इसी तरह का ईमेल मिलने के बाद भवन को खाली कराया गया और व्यापक तलाशी ली गई, लेकिन कोई विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई।
एक ही दिन कई अदालतों को समान प्रकृति की धमकी मिलने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। पुलिस साइबर विशेषज्ञों की मदद से ईमेल के स्रोत का पता लगाने और धमकी देने वाले की पहचान करने में जुटी हुई है।
