शिमला, 05 फ़रवरी । नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार पर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील विषय पर तथ्यों को सही तरीके से सामने रखने के बजाय कांग्रेस जनता को भ्रमित करने की कोशिश कर रही है और केंद्र सरकार पर अनावश्यक आरोप लगाए जा रहे हैं।
जयराम ठाकुर ने गुरूवार को शिमला में पत्रकार वार्ता में कहा कि कांग्रेस नेताओं को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनकी ही पार्टी शासित राज्य कर्नाटक ने पहले आरडीजी व्यवस्था को समाप्त करने की मांग उठाई थी। उन्होंने सवाल किया कि जब कांग्रेस शासित राज्य इस तरह की मांग कर चुके हैं तो हिमाचल के मुख्यमंत्री इस तथ्य पर चुप क्यों हैं। उनके अनुसार इससे कांग्रेस की अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नीति होने का संकेत मिलता है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि 15वें वित्त आयोग ने अपनी सिफारिशों में पहले ही संकेत दे दिया था कि भविष्य में राजस्व घाटा अनुदान की व्यवस्था चरणबद्ध तरीके से समाप्त हो सकती है। उस समय वर्तमान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू विधानसभा में विधायक थे और उन्हें इस विषय की पूरी जानकारी थी।
जयराम ठाकुर ने कहा कि अब इस मुद्दे पर अनभिज्ञता जताना उचित नहीं है और मुख्यमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि उस समय उनका क्या रुख था।
उन्होंने आरोप लगाया कि आरडीजी को लेकर डर और भ्रम का माहौल बनाकर प्रदेश सरकार अपनी वित्तीय स्थिति से जुड़े सवालों और प्रशासनिक चुनौतियों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है। उनके अनुसार वित्त आयोग की सिफारिशें एक दीर्घकालिक प्रक्रिया का हिस्सा होती हैं और राज्यों को इसके बारे में पहले से संकेत दिए जाते हैं, इसलिए इसे अचानक लिया गया निर्णय बताना सही नहीं है।
