गुरुकुल महिला महाविद्यालय की एनएसएस इकाई द्वारा ग्राम तुता में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर ने समाज सेवा और जन-जागरूकता की सशक्त मिसाल प्रस्तुत की | The Voice TV

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गुरुकुल महिला महाविद्यालय की एनएसएस इकाई द्वारा ग्राम तुता में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर ने समाज सेवा और जन-जागरूकता की सशक्त मिसाल प्रस्तुत की

Date : 05-Feb-2026
गुरुकुल महिला महाविद्यालय, कालीबाड़ी रोड, रायपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार तथा राष्ट्रीय सेवा योजना क्षेत्रीय निदेशालय, भोपाल के मार्गदर्शन में सात दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन शासकीय प्राथमिक शाला, ग्राम तुता, जिला रायपुर में अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस विशेष शिविर का मूल उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में सामाजिक जागरूकता फैलाना, स्वास्थ्य, पर्यावरण, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण एवं विधिक अधिकारों के प्रति लोगों को सजग करना तथा छात्राओं में सेवा, नेतृत्व एवं राष्ट्र निर्माण की भावना का विकास करना रहा।
उद्घाटन समारोह
शिविर का शुभारंभ भव्य उद्घाटन समारोह के साथ हुआ। उद्घाटन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंद्र कुमार साहू, विधायक अभनपुर रहे। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं को समाज से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। एनएसएस स्वयंसेवक न केवल शिक्षा प्राप्त करते हैं, बल्कि समाज की वास्तविक समस्याओं को समझकर उनके समाधान की दिशा में कार्य करते हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों को निस्वार्थ सेवा भाव से कार्य करने और ग्रामीण विकास में सहभागी बनने के लिए प्रेरित किया।
उद्घाटन समारोह में विशेष अतिथि ओम कुमारी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष राजिम-नवापारा, किशोर साहू (मंडल अध्यक्ष, खोरपा), मीना साहू (पार्षद, अभनपुर), चंपा लेदेकर (पार्षद, नगर पालिका), भारत बैस (सरपंच, ग्राम तुता), दयाराम पटेल (उपसरपंच), झड़ी राम (पंच), संदीप बैस (पंच), आजुराम पटेल, सुशील साहू (विधायक प्रतिनिधि) एवं मानसिंह ध्रुव (पंच प्रतिनिधि) सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्राचार्य गुरुकुल महिला महाविद्यालय डॉक्टर संध्या गुप्ता, शासकीय प्राथमिक शाला की प्राचार्य ईश्वरी कश्यप  ग्रामवासी, शिक्षकगण एवं एनएसएस स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
शिविर की रूपरेखा एवं उद्देश्य
शिविर की संपूर्ण जानकारी कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रात्रि लहरी द्वारा दी गई। उन्होंने बताया कि सात दिवसीय विशेष शिविर को इस प्रकार रूपांकित किया गया है कि ग्रामीण समुदाय को स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण,सड़क सुरक्षा, महिला अधिकार, बाल अधिकार एवं कानून संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ एक ही मंच से प्राप्त हो सकें। साथ ही स्वयंसेवकों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया गया।
दैनिक गतिविधियाँ एवं अनुशासन
शिविर के दौरान स्वयंसेवकों की दैनिक दिनचर्या अत्यंत अनुशासित एवं उद्देश्यपूर्ण रही। प्रत्येक दिन की शुरुआत प्रभात फेरी के माध्यम से जागरूकता संदेशों के साथ की गई, तत्पश्चात योग एवं शारीरिक व्यायाम कराया गया। इसके बाद श्रमदान, परियोजना कार्य, सर्वेक्षण, दोपहर में बौद्धिक परिचर्चा, सायंकाल समीक्षा बैठक एवं रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन गतिविधियों से स्वयंसेवकों में टीमवर्क, अनुशासन, आत्मविश्वास एवं नेतृत्व क्षमता का विकास हुआ।

विशेष व्याख्यान एवं जागरूकता सत्र
प्रतिदिन आयोजित बौद्धिक परिचर्चा सत्र में डॉ. वर्णिका शर्मा, अध्यक्ष – छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग ने बाल अधिकार, बाल संरक्षण एवं संबंधित कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी।

उन्होंने बाल श्रम, बाल विवाह, बाल शोषण, बाल तस्करी एवं बाल अपराधों जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के कारण बच्चे कई बार शोषण का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में माता-पिता, शिक्षक, समाजसेवी एवं युवा वर्ग को सजग रहना आवश्यक है।


विधिक साक्षरता जागरूकता सत्र में अर्पित अग्रवाल (10वां सिविल जज, जूनियर डिवीजन, रायपुर), आयुष ताम्रकार (सिविल जज, जूनियर डिवीजन, रायपुर) एवं सूरज राणा (सिविल जज, जूनियर डिवीजन, रायपुर) ने ग्रामीणों को न्यायिक प्रक्रिया, कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता एवं लोक अदालत के महत्व से अवगत कराया।

न्यायाधीशों ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के लोगों के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने लोक अदालतों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोक अदालत के माध्यम से मामलों का शीघ्र, सरल एवं आपसी सहमति से समाधान किया जा सकता है।

टी.के. भोई, टी आई  यातायात पुलिस रायपुर छत्तीसगढ़ ने अपने व्याख्यान में बताया कि सड़क दुर्घटनाओं के अधिकांश मामले लापरवाही, तेज गति, शराब पीकर वाहन चलाना, हेलमेट व सीट बेल्ट का प्रयोग न करना तथा मोबाइल फोन का उपयोग करने के कारण होते हैं। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि थोड़ी सी सावधानी अपनाकर अनेक कीमती जीवन बचाए जा सकते हैं।
पर्यावरण जागरूकता हेतु ग्रीन आर्मी ऑफ रायपुर के संस्थापक एवं प्रदेश अध्यक्ष अमिताभ दुबे, अध्यक्ष गुरदीप टुटेजा एवं हेमंत सिंह ने पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली में अपनाने का संदेश दिया।
करियर काउंसलिंग एवं संप्रेषण सत्र में जेसीआई रायपुर संगवारी के अध्यक्ष तुषार अग्रवाल, जेसी श्रद्धा नायक एवं जेसी अखिलेश शर्मा ने नेतृत्व, संवाद कौशल एवं उद्यमिता पर मार्गदर्शन दिया। वहीं जेसीआई रायपुर उमंग के अध्यक्ष रवि अंदानी की टीम ने व्यक्तित्व विकास पर प्रेरक सत्र लिया।
 शिविर के दौरान निरीक्षण करने डॉक्टर सुनील तिवारी छत्तीसगढ़ कॉलेज जिला संगठक एवं डॉ आर के रजक, ग्रामीण,जिला संगठक निरीक्षण के लिए पहुंचे
समापन समारोह
सात दिवसीय विशेष शिविर का समापन गरिमामय समारोह के साथ हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि डॉ. पुरुषोत्तम चंद्राकर (प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट), डॉ. दीनानाथ यादव (मैट्स यूनिवर्सिटी) एवं भारत बैस (सरपंच, ग्राम तुता) उपस्थित रहे। अतिथियों ने स्वयंसेवकों के कार्यों की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए इसे समाज परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
समापन अवसर पर उत्कृष्ट सेवा कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को लोक रंजनी लोक कला सांस्कृतिक समिति के माध्यम से प्रमाण पत्र एवं अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय सेवा योजना के उद्देश्य वाक्य एवं सेवा संकल्प के साथ हुआ।

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