ऊना, 05 फ़रवरी । केंद्र सरकार के आम बजट में हिमाचल प्रदेश को मिलने वाली आरडीजी ग्रांट को बंद किए जाने पर राज्य की सियासत गरमा हुई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने एक फरवरी को हिमाचल के लिए ‘काला दिन’ करार देते हुए केंद्र पर प्रदेश के साथ अन्याय का आरोप लगाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आरडीजी ग्रांट बंद होने से प्रदेश को हर साल करीब 10 हजार करोड़ का नुक्सान होगा। जिसका विकास योजनाओं, आधारभूत ढांचे और सामाजिक क्षेत्र पर सीधा असर पड़ेगा।
सीएम गुरुवार को ऊना जिला में एक धार्मिक समागम के शामिल होने के बाद मीडिया से रूबरू हुए, जहां पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हिमाचल की तुलना उन 17 राज्यों से कर रही है जो जीएसटी का सबसे ज्यादा फायदा उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हिमाचल एक पहाड़ी राज्य है जहां की परिस्थितियां अलग है और सीमित संसाधनों वाले राज्य को विशेष सहयोग की आवश्यकता होती है, लेकिन केंद्र सरकार ने ग्रांट बंद कर प्रदेश की वित्तीय मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला संघीय ढांचे की भावना के विपरीत है और राज्य की विकास गति को धीमा करने वाला है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस मुद्दे को हर मंच पर उठाएगी और हिमाचल के हितों की रक्षा के लिए केंद्र से पुनर्विचार की मांग करेगी।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल के सांसदों को भी प्रदेश के हक में आवाज बुलंद करनी चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार सीमित संसाधनों के बावजूद जनता के हितों से कोई समझौता नहीं करेगी और वैकल्पिक वित्तीय प्रबंधों पर भी काम किया जाएगा।
