नाहन, 20 फ़रवरी ।सिरमौर जिले के पांवटा साहिब क्षेत्र में प्रस्तावित एक स्टोन क्रशर को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध तेज कर दिया है। ग्राम पंचायत सैनवाला मुबारकपुर, बेहड़े वाला और आसपास के टोकियों के लोग गुरुवार को नाहन पहुंचे और जिला खनन अधिकारी को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर स्टोन क्रशर प्रस्तावित है, वह एनएच-07 से 100 मीटर से भी कम दूरी पर स्थित है। इसके अलावा आसपास सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, कृषि भूमि और आबादी वाला क्षेत्र भी मौजूद है, जो क्रशर शुरू होने पर प्रभावित हो सकते हैं। लोगों ने आशंका जताई कि धूल, शोर और भारी वाहनों की आवाजाही से क्षेत्र के पर्यावरण और जनजीवन पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि रेणुका बांध विस्थापितों के आवास के लिए चयनित भूमि भी प्रस्तावित स्थल के पास है, जिससे भविष्य में बसने वाले परिवारों को परेशानी हो सकती है। स्थानीय निवासी मुकेश कुमार ने कहा कि स्टोन क्रशर की प्रस्तावित भूमि के साथ ही सुंकर खड्ड बहती है, जिसका हाल ही में तटीयकरण किया गया है। उनका कहना है कि यदि क्रशर लगा तो खड्ड के पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रस्तावित स्टोन क्रशर की अनुमति पर पुनर्विचार किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी आपत्तियों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
