गुवाहाटी, 16 फरवरी। असम प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेन बोरा ने सोमवार को कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देने की घोषणा करते हुए संगठन के भीतर भेदभाव के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पार्टी में सामान्य परिवार से आने वाले तथा हिंदू धर्म को मानने वाले लोगों के लिए नेतृत्व के अवसर नहीं हैं।
इस्तीफे के बाद पहली बार मीडिया से बातचीत करते हुए बोरा ने कहा कि कांग्रेस में साधारण घर के लड़के और हिंदू समाज से जुड़े लोग शीर्ष नेतृत्व की भूमिका नहीं निभा सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग हिंदू धर्म को खुले तौर पर मानते और उसका समर्थन करते हैं, उनके लिए कांग्रेस में बने रहना कठिन है।
इस घटनाक्रम पर राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि 29 तारीख से पहले प्रद्युत बरदलै भी कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो सकते हैं, जबकि 27 तारीख को देवव्रत सैकिया के भाजपा में शामिल होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह भूपेन बोरा के आवास पर जाकर उन्हें औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल होने का निमंत्रण देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा में शामिल होने के बाद बोरा को एक सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जिताया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि भूपेन बोरा ने पहले ही उनसे संपर्क स्थापित कर लिया है।
मुख्यमंत्री के उनके आवास पर जाने की घोषणा के बाद भूपेन बोरा ने भी उनका स्वागत करने की बात कही, जिससे उनके भाजपा में शीघ्र शामिल होने के संकेत मिल रहे हैं।
