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गुजरात में भीषण गर्मी, सुरेंद्रनगर में पारा पहुंचा 45 डिग्री के पार, सबसे अधिक तापमान दर्ज

Date : 12-May-2026

 अहमदाबाद, 12 मई । गुजरात में मई महीने की गर्मी लोगों के लिए कहर बन रही है। मौसम विभाग और विशेषज्ञों की चेतावनी के बीच राज्य में तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। सोमवार को सुरेंद्रनगर में 45.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक तापमान रहा। वहीं राज्य के पांच शहरों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग ने आज दो जिलों में हीटवेव को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

पिछले पांच दिनों में राज्यभर में तापमान में 2 से 4 डिग्री तक की वृद्धि दर्ज की गई है। अहमदाबाद, गांधीनगर, कंडला एयरपोर्ट, अमरेली और सुरेंद्रनगर में तापमान 44 डिग्री से अधिक रिकॉर्ड किया गया। वहीं सूरत में 11 मई का दिन इस सीजन का सबसे गर्म दिन साबित हुआ, जहां 42.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से 6.8 डिग्री अधिक है। लोगों को दिनभर लू जैसे हालात का सामना करना पड़ा।

मौसम विभाग के अनुसार इससे पहले कंडला एयरपोर्ट पर 45.2 डिग्री तापमान इस सीजन का सबसे अधिक तापमान था, लेकिन सुरेंद्रनगर ने यह रिकॉर्ड तोड़ दिया। यहां पर पारा 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक तापमान रहा। यदि तापमान में 2 डिग्री और वृद्धि होती है तो वर्ष 2025 का रिकॉर्ड भी टूट सकता है।

भीषण गर्मी के चलते राज्य में हीट स्ट्रोक, लू और पेट संबंधी बीमारियों के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में विशेष वार्ड और बेड की व्यवस्था की है। प्रशासन ने लोगों से दोपहर के समय बिना जरूरी काम के बाहर नहीं निकलने और लगातार पानी पीते रहने की अपील की है।

दक्षिण गुजरात के समुद्री तटीय इलाकों में 15 से 20 नॉट्स (लगभग 28-37 किमी/घंटा) की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जिसकी गति 25 नॉट्स तक पहुंच सकती है। वहीं अहमदाबाद में आसमान साफ रहने और तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने की संभावना जताई गई है।

इधर मौसम विभाग ने देश में मानसून समय से पहले आने की संभावना भी जताई है। सामान्यतः मानसून 01 जून तक केरल पहुंचता है, लेकिन इस बार इसके 25 से 27 मई के बीच केरल तट पर पहुंचने का अनुमान है। बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में बने सिस्टम के अगले 48 घंटों में और मजबूत होने की संभावना है, जिससे दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश बढ़ सकती है और मानसून तेजी से आगे बढ़ सकता है।


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