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संत जेवियर्स विद्यालय में विधिक जागरूकता शिविर आयाेजित

Date : 12-May-2026

 पश्चिमी सिंहभूम, 12 मई । पश्चिमी सिंहभूम जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) की ओर से चलाए जा रहे 90 दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान के तहत मंगलवार को संत जेवियर्स विद्यालय में लीगल लिटरेसी कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डीएलएसए अध्यक्ष मौहम्मद शाकिर के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में डीएलएसए सचिव रवि चौधरी ने विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, बाल श्रम, बाल विवाह, मानव तस्करी और साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों से मजदूरी कराना दंडनीय अपराध है और इससे उनके शारीरिक तथा मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने और सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने की सलाह दी।

रवि चौधरी ने बाल तस्करी को गंभीर सामाजिक अपराध बताते हुए कहा कि कई बार बड़े शहरों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बच्चों और युवाओं का शोषण किया जाता है। उन्होंने ऐसे मामलों की सूचना तुरंत डीएलएसए के टोल फ्री नंबर 15100, चाइल्डलाइन 1098 और पुलिस हेल्पलाइन 100 अथवा 112 पर देने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर भी बच्चों को जागरूक किया गया। विद्यार्थियों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने, सड़क संकेतों को समझने और सुरक्षित यातायात के प्रति जिम्मेदार बनने की सलाह दी गई।

डीएलएसए सचिव ने योजना की जानकारी देते हुए बताया कि यह पहल नशा पीड़ितों और उनके परिवारों को कानूनी सहायता, परामर्श और पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। उन्होंने मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले कानूनी और सामाजिक दुष्परिणामों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।

साइबर सुरक्षा विषय पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए रवि चौधरी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी , पासवर्ड या बैंक संबंधी जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। उन्होंने बच्चों को अनजान लिंक और संदिग्ध ऑनलाइन संदेशों से सावधान रहने की सलाह दी तथा किसी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होने पर तुरंत अभिभावकों को जानकारी देने को कहा। साइबर अपराध की शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी भी विद्यार्थियों को दी गई।

उन्होंने अभिभावकों को भी बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने, मोबाइल में पैरेंटल कंट्रोल लगाने और यूपीआई लेन-देन की सीमा तय करने की सलाह दी।

कार्यक्रम में अधिकार मित्र अलकमा रूही, अरुण विश्वकर्मा, असीमा चटर्जी सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।


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