नई दिल्ली, 09 फ़रवरी। संसद में बजट सत्र के नौवें दिन सोमवार को विपक्षी दलों के हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे पुनः शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद फिर बाधित हो गई। लगातार नारेबाज़ी और शोर-शराबे के कारण पीठासीन अधिकारी को सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
दोपहर 12 बजे लोकसभा की कार्यवाही पीठासीन अधिकारी कृष्ण प्रसाद तेन्नेटी ने प्रारंभ कराई। उन्होंने सदन को बताया कि कई सदस्यों द्वारा स्थगन प्रस्तावों की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं, जिन्हें सदन ने नामंजूर कर दिया। इसके बाद प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू हुई।
प्रश्नकाल के दौरान केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अपने मंत्रालय से संबंधित पूछे गए प्रश्नों के उत्तर सदन के पटल पर रखे। इसके बाद केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने अपने मंत्रालय से जुड़े प्रश्नों के उत्तर सदन के पटल पर प्रस्तुत किए।
केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने अपने मंत्रालय से संबंधित प्रश्नों के उत्तर सदन के पटल पर रखे। इसके बाद केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, केंद्रीय युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे, केंद्रीय शिक्षा एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार तथा केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने अपने-अपने मंत्रालयों से संबंधित प्रश्नों के उत्तर सदन के पटल पर रखे।
इसके बाद शून्यकाल के दौरान पीठासीन अधिकारी कृष्ण प्रसाद तेन्नेटी ने लोकसभा नियम 377 के तहत जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को सदन के पटल पर रखने के लिए 20 मिनट का समय दिया।
आगे की कार्यवाही में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संशोधित कार्यसूची के अनुसार संबंधित विवरण सदन के पटल पर रखा।
इसके बाद पीठासीन अधिकारी ने केंद्रीय बजट पर सामान्य चर्चा के लिए कांग्रेस सांसद डॉ. शशि थरूर को आमंत्रित किया। हालांकि, इस दौरान विपक्षी सांसदों ने लगातार हंगामा शुरू कर दिया। पीठासीन अधिकारी ने सदन को शांत कराने का प्रयास किया और कहा कि डॉ. शशि थरूर को बोलने से रोकने का कोई औचित्य नहीं है, क्योंकि उनका नाम वक्ताओं की सूची में शामिल है।
उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को भी बोलने का अवसर दिया जाएगा, लेकिन पहले डॉ. शशि थरूर को अपनी बात रखने दी जाए। इसके बावजूद हंगामा जारी रहा। इसके बाद सदन की कार्यवाही शुरू होने के महज 7 मिनट के भीतर पीठासीन अधिकारी ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
