मेदिनीपुर, 09 फरवरी । पूर्व मेदिनीपुर जिले के मयना प्रखंड अंतर्गत बाकचा और गोजिना—इन दो ग्राम पंचायत क्षेत्रों में लंबे समय से बंद पड़ी राज्य सरकार की ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना एक बार फिर शुरू हो गई है। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद इन इलाकों की कई महिलाओं के खातों में हाल ही में 1500 रुपये की राशि जमा हुई है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बाकचा और गोजिना ग्राम पंचायत क्षेत्रों में करीब 13 से 14 हजार महिलाएं पिछले कई महीनों से ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना के लाभ से वंचित थीं। इसे लेकर 20 जनवरी को बाकचा ग्राम पंचायत की भाजपा सदस्य सुनीता मंडल ने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
मामले की सुनवाई के बाद 29 जनवरी को हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह 15 फरवरी को अदालत में यह स्पष्ट करे कि पात्र महिलाओं के खातों में ‘लक्ष्मी भंडार’ की राशि क्यों नहीं पहुंची। हाईकोर्ट के इस सख्त रुख के बाद ही त्वरित कार्रवाई करते हुए फरवरी माह में घोषित 1500 रुपये की राशि दोनों ग्राम पंचायत क्षेत्रों की कई महिलाओं के खातों में भेज दी गई।
हालांकि, पिछले छह महीनों की बकाया राशि को लेकर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। इस विषय पर अगली सुनवाई 17 फरवरी को होनी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भाजपा समर्थक होने के कारण इन दो ग्राम पंचायत क्षेत्रों में जानबूझकर ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना बंद कर दी गई थी।
फरवरी में राशि मिलने से महिलाएं आंशिक रूप से खुश जरूर हैं, लेकिन पूरी तरह संतुष्ट नहीं। उनका कहना है कि जब तक 5-6 महीनों की बकाया राशि नहीं मिल जाती, तब तक न्याय अधूरा रहेगा। अब सभी की नजरें 17 फरवरी की सुनवाई पर टिकी हैं, जिसके बाद यह तय होगा कि बकाया रकम भी महिलाओं के खातों में पहुंचेगी या नहीं।
