बेंगलुरु, 09 फ़रवरी । बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएमआरसीएल) ने मेट्रो किराये में प्रस्तावित वृद्धि को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। यह निर्णय आज से लागू किए जाने वाले स्वचालित वार्षिक किराया संशोधन के संदर्भ में लिया गया है।
बीएमआरसीएल की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि 5 फरवरी 2026 को जारी मीडिया नोट के माध्यम से 9 फरवरी 2026 से मेट्रो किराया वृद्धि लागू किए जाने की जानकारी दी गई थी, लेकिन अब इस निर्णय को अगले आदेश तक रोक दिया गया है। निगम ने स्पष्ट किया है कि किराया संशोधन को लेकर अंतिम फैसला निदेशक मंडल की समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा।
किराया वृद्धि पर अस्थायी रोक के मद्देनज़र, बीएमआरसीएल आज शाम चार बजे निदेशक मंडल की एक अहम बैठक आयोजित करेगा। यह बैठक बेंगलुरु के शांतिनगर स्थित बीएमआरसीएल मुख्यालय में होगी।
कुल 14 सदस्यीय निदेशक मंडल की इस बैठक में केंद्र सरकार की ओर से चेयरमैन सहित पांच वरिष्ठ अधिकारी, राज्य सरकार की ओर से बीएमआरसीएल के प्रबंध निदेशक समेत पांच अधिकारी तथा बीएमआरसीएल के चार निदेशक शामिल होंगे। केंद्र सरकार के कुछ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लेंगे।
बीएमआरसीएल के अनुसार, मेट्रो यात्रियों को सीधे प्रभावित करने वाला किराया वृद्धि का मुद्दा ही बैठक का मुख्य एजेंडा रहेगा। हाल के दिनों में मेट्रो किराये में बढ़ोतरी को लेकर सार्वजनिक स्तर पर व्यापक विरोध देखने को मिला था, जिसके बाद इस निर्णय पर अस्थायी रोक लगाई गई।
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, बैठक में किराया निर्धारण समिति के प्रतिनिधियों के शामिल होने की भी संभावना है। बैठक के दौरान यह तय किया जाएगा कि किराया वृद्धि को लागू किया जाए, उसमें संशोधन किया जाए अथवा उसे पूरी तरह वापस लिया जाए। बैठक के बाद मेट्रो किराये को लेकर अंतिम निर्णय की घोषणा किए जाने की उम्मीद है।
उल्लेखनीय है कि बेंगलुरु मेट्रो के किराये में की गई बढ़ोतरी के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने आज बेंगलुरु शहर के आर.वी. मेट्रो स्टेशन के समीप जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन से पहले पुलिस द्वारा निषेधाज्ञा और नोटिस जारी किए जाने के बावजूद भाजपा नेता और कार्यकर्ता मेट्रो स्टेशन के बाहर एकत्र हुए और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
इस दौरान सांसद तेजस्वी सूर्या एक खाली ट्रंक लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने ट्रंक खोलते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा और उसे “खाली सरकार” बताया। ट्रंक पर ‘खाली ट्रंक सरकार’ लिखा हुआ पोस्टर लगाया गया था, जो सरकार की कथित आर्थिक बदहाली का प्रतीक बताया गया।
