लखनऊ, 09 फरवरी । उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को पूर्वाह्न 11 बजे राष्ट्रगान के साथ आरम्भ हुआ। इसके बाद राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का अभिभाषण शुरू हुआ। राज्यपाल ने विधानसभा में दोनों सदनों के सदस्यों को सम्बोधित करते हुए सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। यह सत्र 20 फरवरी तक चलेगा।
विधानसभा व विधान परिषद की संयुक्त कार्यवाही को संबोधित करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था बेहतर हुई है। 267 अपराधी मुठभेड़ में मारे गये हैं। 2017 से सरकार ने अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाया। 977 अभियुक्तों पर रासुका की कार्यवाही की गयी। 06 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाया गया।
विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार पहली बार विधानसभा में आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत करेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह हमारा दसवां बजट है। इस दृष्टि से भी यह महत्वपूर्ण है। सत्र 2026-27 के लिए 11 फरवरी को बजट पेश होगा।
मुख्यमंत्री याेगी ने अनावश्यक शोरगुल से बचने की सलाह देते हुए कहा कि संवाद से समस्या के समाधान का प्रयास करें। सरकार हर समस्या पर चर्चा के लिए तैयार है। सदस्यों के सुझाव लेने को तैयार है।
उन्हाेंने कहा कि विधानमण्डल लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार स्तम्भ है। यह संवाद से चलता है, कार्यवाही को बाधित करके नहीं। सदस्य अगर कार्यवाही को बाधित करेंगे तो वे मुद्दों को डायल्यूट करेंगे। पिछले नौ साल में यूपी विधानमंडल में कार्यवाही के कीर्तिमान स्थापित किए गए हैं। यह बजट सत्र विकास की रफ्तार को और तेज करेगा।
सत्र शुरू होने से पले समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने विधानसभा परिसर में लगी चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के समक्ष सपा सदस्यों ने लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की फोटो लेकर प्रदर्शन किया। सपा सदस्य कोडीन कफ सीरप व किसानों के मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। वहीं सदन में राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान भी सपा के सदस्यों ने सदन में नारेबाजी की। इस दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्यों ने सदन में 'गो बैक राज्यपाल' के नारे लगाए। उधर राज्यपाल ने अपना भाषण जारी रखा। सदन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक समेत सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य मौजूद रहे।
