नई दिल्ली, 09 फ़रवरी । केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के किसानों और बागवानों को बर्फबारी, बारिश और अन्य मौसम की सटीक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए शिमला जिले के कुफरी, चंबा के जोत और मंडी जिले के मुरारी देवी में तीन नए "डोप्लर वेदर राडार" (डीडब्ल्यूआर) स्थापित किए गए हैं।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह जानकारी राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में दी। उन्होंने कहा कि ये राडार ग्राउंड आधारित रिमोट सेंसिंग टेक्नोलॉजी के माध्यम से वायुमंडलीय रफ्तार को मापकर बादलों के परिक्रमण का अध्ययन करते हैं। इससे राज्य में बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि की स्थिति, तीव्रता तथा गति की रियल टाइम जानकारी किसानों और बागवानों को उपलब्ध होती है।
उन्होंने बताया कि किसानों और बागवानों को मौसम आंधी, तूफान और चक्रवात आदि की जानकारी प्रदान करने के लिए मंत्रालय ने "मिशन मौसम" लॉच किया है ताकि ख़राब मौसम की परिस्थितियों में इसके प्रभाव को कम किया जा सके। उन्होंने बताया कि इस समय हिमाचल सहित देश के विभिन्न राज्यों में 47 "डोप्पलर वेदर राडार" स्थापित किये गए हैं।
उन्होंने बताया कि इस समय मौसम के मिजाज की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल के माध्यम से अलर्ट जारी किये जाते हैं। मौसम की भविष्य वाणी और चेतावनी को राज्यों से भी सांझा किया जाता है ताकि वह इसकी जानकारी आम जन मानस को प्रदान कर सकें। भारत मौसम विज्ञान विभाग एनडीएमए और सी-डॉट के सम्बन्य से मौसम की पूर्व जानकारी और चेतावनी समय समय पर प्रदान करता है। भारी बारिश, बर्फबारी, बिजली गिरने, ओलावृष्टि, आंधी तूफान और धूल भरी आंधी आदि की पूर्व जानकारी राज्यों के स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी को प्रदान की जाती है ताकि वह सम्बन्धित राज्यों के जन मानस को सचेत कर सके।
