मुंबई, 9 फरवरी। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने देश की तटीय सुरक्षा, राष्ट्रीय एकता और सामुदायिक सहभागिता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से वंदे मातरम् कोस्टल साइक्लोथॉन-2026 के दूसरे संस्करण का शुभारंभ किया है। यह अभियान भारत के पूरे मुख्य भूमि समुद्र तट को कवर करने वाला अब तक का सबसे व्यापक तटीय साइक्लोथॉन माना जा रहा है। साइक्लोथॉन के अंतर्गत साइकिल रैली 10 फरवरी को सुबह करीब 9 से 9.30 बजे के बीच पालघर जिले के डहाणू पहुंचेगी। डहाणू में जिलाधिकारी डॉ. इंदु राणी जाखड और उपविभागीय अधिकारी विशाल खत्री की उपस्थिति में स्कूली विद्यार्थियों और ग्रामीण मछुआरों के रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ साइकिल सवारों का स्वागत किया जाएगा। इसके बाद सुबह 11 बजे तारापुर में टीएपीएस परिसर में सीआईएसएफ की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
रात्रि विश्राम जूचंद्र स्थित चंडिका देवी मंदिर में होगा, जबकि 11 फरवरी को सुबह 5 बजे सायक्लोथॉन जूचंद्र से मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया के लिए प्रस्थान करेगी।इस साइक्लोथॉन को 28 जनवरी 2026 को गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम, नई दिल्ली से वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। 25 दिनों का 6,553 किलोमीटर लंबा साइकिल अभियान दो दिशाओं से एक साथ शुरू हुआ। पश्चिमी तट की टीम लखपत किला, कच्छ (गुजरात) से और पूर्वी तट की टीम बक्काली, दक्षिण 24 परगना (पश्चिम बंगाल) से रवाना हुई। दोनों टीमें देश के प्रमुख तटीय शहरों और गांवों से गुजरते हुए 22 फरवरी 2026 को कोच्चि, केरल में मिलेंगी। इस साइक्लोथॉन में 130 सीआईएसएफ जवानभाग ले रहे हैं, जिनमें 65 महिला कर्मी शामिल हैं। सभी प्रतिभागियों ने लंबी दूरी की साइक्लिंग, पोषण प्रबंधन और सुरक्षा मानकों पर विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
अभियान का मुख्य उद्देश्य तटीय समुदायों को ड्रग्स, हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी जैसे खतरों के प्रति जागरूक करना, मछुआरा समुदायों के साथ संवाद स्थापित करना तथा सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय नागरिकों के बीच समन्वय को मजबूत करना है। यात्रा के दौरान सीआईएसएफ द्वारा तटीय गांवों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्वच्छता अभियान, फिटनेस गतिविधियां और सामुदायिक संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही यह अभियान डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी देशभर में जागरूकता फैलाएगा। सीआईएसएफ अधिकारियों के अनुसार, यह साइक्लोथॉन सुरक्षित तट, समृद्ध भारत के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक मजबूत कदम है, जिससे भारत की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाया जा सकेगा।
