तिरुवनंतपुरम, 14 फरवरी। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने राज्य में प्रस्तावित रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी देने का अनुरोध किया है। यह परियोजना राज्य के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों को जोड़ने वाले हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, सीएम विजयन ने केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर को पत्र लिखकर इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की अनुमति मांगी है। राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि पहले प्रस्तावित सिल्वरलाइन सेमी-हाई-स्पीड रेल परियोजना के विकल्प के रूप में अब आरआरटीएस मॉडल को लागू करने की योजना बनाई जा रही है।
बता दें कि, केंद्र सरकार की औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद ही परियोजना की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। राज्य सरकार ने परियोजना के लिए एक वित्तीय मॉडल भी प्रस्तावित किया है, जिसके तहत कुल लागत का 20 प्रतिशत केंद्र और राज्य सरकारें साझा करेंगी, जबकि शेष 60 प्रतिशत राशि अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से ऋण के माध्यम से जुटाई जाएगी।
इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 1.92 लाख करोड़ आंकी गई है। पहले चरण में आरआरटीएस कॉरिडोर का निर्माण तिरुवनंतपुरम और त्रिशूर के बीच किया जाएगा। इसके बाद इसे चार चरणों में विस्तार देते हुए तिरुवनंतपुरम से कासरगोड तक पूरे राज्य को जोड़ा जाएगा। प्रस्तावित कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 583 किलोमीटर होगी, जिससे केरल के प्रमुख शहरी और व्यावसायिक केंद्रों के बीच संपर्क मजबूत होगा।
राज्य सरकार का मानना है कि आरआरटीएस मॉडल तेज, कुशल और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन सुविधा प्रदान करेगा। इस परियोजना के लागू होने से यात्रा समय में कमी आएगी, सड़कों पर यातायात का दबाव घटेगा और जिलों के बीच संपर्क बेहतर होने से आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में राज्य के परिवहन बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए केंद्र सरकार से सहयोग और मंजूरी देने का अनुरोध किया है। केंद्र सरकार के जवाब के बाद ही डीपीआर प्रक्रिया शुरू करने और परियोजना को आगे बढ़ाने पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
