वेल्लोर, 16 फ़रवरी। बर्ड फ्लू के संभावित प्रसार को रोकने के लिए तमिलनाडु–आंध्र प्रदेश सीमा पर एहतियाती कदम तेज कर दिए गए हैं। सीमा चेकपोस्टों पर आंध्र प्रदेश से आने वाले वाहनों पर कीटाणुनाशक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है और सघन जांच की जा रही है।
दरअसल, पिछले महीने चेन्नई के अडयार क्षेत्र में अचानक कई कौए मृत पाए गए थे। इसके बाद नगर निगम अधिकारियों ने मृत पक्षियों के नमूने जांच के लिए भोपाल स्थित राष्ट्रीय पशु रोग अनुसंधान संस्थान भेजे। जांच में पुष्टि हुई कि कौओं में एच5एन1 एवियन इन्फ्लुएंजा वायरस (बर्ड फ्लू) का संक्रमण था।
स्थिति को देखते हुए तमिलनाडु सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। पड़ोसी आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिला में दो पोल्ट्री फार्मों में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद निगरानी और कड़ी कर दी गई है। जिले के सात क्षेत्रों में प्रत्येक में तीन टीमों के हिसाब से कुल 21 विशेष निगरानी दल गठित किए गए हैं, जो पोल्ट्री फार्म, बाजारों और पक्षियों की अधिकता वाले इलाकों में निरीक्षण कर रहे हैं।
तमिलनाडु–आंध्र सीमा के कृष्टियनपेट, साइनागुंडा और पत्रापल्ली चेकपोस्ट पर पशुपालन विभाग के चिकित्सकों द्वारा आंध्र प्रदेश से वेल्लोर जिले में प्रवेश करने वाले सभी वाहनों की जांच की जा रही है। मुर्गियां, मुर्गीचारा और अंडे लेकर आने वाले वाहनों पर कीटाणुनाशक छिड़काव अनिवार्य किया गया है। बिना वैध दस्तावेजों या संदिग्ध सामग्री वाले वाहनों को वापस भेजा जा रहा है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वेल्लोर जिले में अब तक बर्ड फ्लू का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। साथ ही आम जनता से अपील की गई है कि वे मृत पक्षियों को न छुएं और तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सा अधिकारी को सूचना दें। स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों से सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि दुर्लभ मामलों में यह संक्रमण मनुष्यों में भी फैल सकता है।
