मुंबई ,21 फरवरी। गुरु तेग बहादुर की 350वीं शहादत की सालगिरह के मौके पर, रामकृष्ण विद्यालय में 'हिंद द चादर' पहल के तहत स्टूडेंट्स के लिए एक उद्देश्यपूर्ण बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने इस प्रतियोगिता में जोश के साथ हिस्सा लिया और गुरु तेग बहादुर साहिब के धार्मिक आज़ादी के लिए किए गए जीवन के काम, त्याग और बलिदान के बारे में सवालों के जवाब दिए।
प्रोग्राम की शुरुआत में, गुरु तेग बहादुर साहिब की तस्वीर पर फूल चढ़ाए गए और उनके वीर बलिदान को याद किया गया। उसके बाद, क्विज़ कॉम्पिटिशन( सवाल जबाव स्पर्धा ) शुरू हुआ। विद्यार्थियों से इतिहास, सोशल वर्क, धार्मिक सहनशीलता और राष्ट्रवाद पर आधारित सवाल पूछे गए।
ऐसे स्पर्धा विद्यार्थियों में देशभक्ति, त्याग और इंसानियत के मूल्यों को जगाने और नई पीढ़ी को महान संतों के काम से परिचित कराने के लिए आयोजित किए जाते हैं।
ऐसा महसूस किया गया कि ‘हिंद द चादर’ पहल से विद्यार्थियों में इतिहास में दिलचस्पी बढ़ी है और गुरु तेग बहादुर साहिब के आदर्शों का संदेश ज़्यादा असरदार तरीके से पहुंचा है।
