एआई युग में भारत की युवा शक्ति बनेगी विकास की नई पहचान | The Voice TV

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"छोटा सा बदलाव ही जिंदगी की एक बड़ी कामयाबी का हिस्सा होता है"।

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एआई युग में भारत की युवा शक्ति बनेगी विकास की नई पहचान

Date : 21-Feb-2026

 India-AI Impact Summit 2026 की शुरुआत 16 फरवरी 2026 को एक मजबूत दृष्टिकोण के साथ हुई, जिसमें भारत के युवाओं को देश की कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) यात्रा के केंद्र में रखा गया। यह कोई दूर का सपना नहीं, बल्कि एआई पहले से ही रोजगार और आजीविका को बदल रही है। भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी है, जिसमें 35 वर्ष से कम आयु के 65% से अधिक लोग शामिल हैं। यही जनसंख्या भारत की आर्थिक गति की मुख्य शक्ति है।

यह समिट निष्क्रिय सीखने से सक्रिय भागीदारी की ओर बदलाव को दर्शाता है। इसमें अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार की नई परिभाषा, नए कौशलों पर जोर और शिक्षा को उद्योग की जरूरतों के साथ जोड़ने की आवश्यकता को रेखांकित किया गया। ध्यान रोजगार क्षमता बढ़ाने, उत्पादकता सुधारने और कक्षा से एआई आधारित करियर तक सहज रास्ता बनाने पर है।

India-AI Impact Summit 2026 में युवा नवप्रवर्तनकर्ता innovation challenge, startup pitch और live solution demonstration जैसे व्यावहारिक मंचों के माध्यम से नेतृत्व कर रहे हैं। ये व्यवस्थित गतिविधियां कौशल को बाजार की जरूरतों से जोड़ती हैं और युवाओं की क्षमता को उत्पादक दिशा में बदलती हैं। यह समिट Animation, Visual Effects, Gaming और Comics जैसे उभरते क्षेत्रों में रोजगार निर्माण को गति देने वाला मंच बन रहा है, जिनमें 2030 तक लगभग 20 लाख नौकरियां बनने का अनुमान है। वैश्विक अनुभव, युवा कौशल विकास और रोजगार सृजन के मेल से भारत अपनी जनसांख्यिकीय शक्ति को एआई रणनीति की नींव बना रहा है।

भारत की प्रतिभा के लिए एआई एक अवसर

एआई भारत की विशाल प्रतिभा के लिए एक परिवर्तनकारी अवसर बनकर उभर रही है। यह रोजगार ढांचे को बदल रही है, नए पदों का निर्माण कर रही है, उत्पादकता बढ़ा रही है और समावेशी विकास के रास्ते खोल रही है। भारत एआई को युवाओं के रोजगार और कौशल विस्तार के प्रमुख साधन के रूप में देख रहा है, जहां उभरती तकनीक और समावेशी विकास एक साथ आगे बढ़ रहे हैं।

एआई कौशल की बढ़ती मांग

एआई कौशल और रोजगार की बढ़ती मांग भारत के युवाओं के अवसरों को नया रूप दे रही है। जनवरी 2023 से मार्च 2025 के बीच दक्षिण एशिया में एआई से संबंधित नौकरी विज्ञापन कुल रिक्तियों के 2.9% से बढ़कर 6.5% हो गए। एआई कौशल की मांग गैर-एआई भूमिकाओं की तुलना में 75% अधिक तेज़ी से बढ़ी है। यह परिवर्तन भारत के श्रम बाजार में संरचनात्मक बदलाव को दर्शाता है, जहां डिजिटल दक्षता, उन्नत तकनीकी क्षमता और बहु-विषयी विशेषज्ञता को ज्यादा महत्व मिल रहा है। युवाओं के लिए एआई केवल तकनीकी प्रवृत्ति नहीं, बल्कि भविष्य उन्मुख रोजगार का स्पष्ट मार्ग बन रही है।

एआई तैयार युवा कौशल के लिए नीतिगत प्रोत्साहन

एआई को रणनीतिक रोजगार चालक मानते हुए Union Budget 2026–27 में एआई कौशल और प्रतिभा विकास पर विशेष ध्यान दिया गया। बजट में Orange Economy को प्राथमिकता दी गई, जो Animation, Gaming, Digital Content और Immersive Media जैसे एआई आधारित क्षेत्रों से जुड़ी है।

Indian Institute of Creative Technologies (IICT), मुंबई को समर्थन देते हुए 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में एआई आधारित Content Creator Labs स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इससे युवाओं को भविष्य-उन्मुख कौशल मिलेंगे और एआई आधारित रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इस पहल से लगभग 20 लाख नए रोजगार बनने का अनुमान है, जिससे छात्रों, कंटेंट निर्माताओं और युवा पेशेवरों को सीधा लाभ मिलेगा।

बजट में Education to Employment and Enterprise Standing Committee बनाने का प्रस्ताव भी शामिल है, जो एआई और नई तकनीकों के रोजगार तथा कौशल आवश्यकताओं पर प्रभाव का अध्ययन करेगी और शिक्षा, रोजगार तथा उद्योग की जरूरतों के बीच पुल बनाएगी।

एआई अवसंरचना तक समान पहुंच

भारत की प्रतिभा को अवसर देने के लिए डिजिटल अवसंरचना तक समान पहुंच जरूरी है। IndiaAI Mission के तहत सरकार ने ₹10,300 करोड़ से अधिक राशि एआई क्षमताओं को मजबूत करने के लिए निर्धारित की है। मौजूदा 38,000 GPUs के अलावा 20,000 नए उच्च क्षमता वाले GPUs जोड़े जाएंगे। यह कंप्यूटिंग सुविधा ₹65 प्रति घंटा की रियायती दर पर उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे स्टार्टअप, युवा नवप्रवर्तनकर्ता और सार्वजनिक संस्थानों के लिए प्रवेश बाधाएं कम होंगी।

कंप्यूटिंग शक्ति, डेटा और मॉडल पारितंत्र तक पहुंच का लोकतंत्रीकरण कर भारत यह सुनिश्चित कर रहा है कि एआई अवसर केवल महानगरों तक सीमित न रहें, बल्कि देशभर की प्रतिभाओं के लिए खुले हों। 58,000 से अधिक GPUs तक विस्तार की योजना समावेशन, जिम्मेदार नवाचार और व्यापक भागीदारी के प्रति राष्ट्रीय प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

कौशल विकास, नवाचार और पहुंच के समन्वय से एआई युवा आधारित आर्थिक विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की मजबूत शक्ति बन रही है।

एआई तैयार राष्ट्रीय प्रतिभा निर्माण के प्रयास

भारत सरकार स्कूल शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण, उच्च शिक्षा और पेशेवर कौशल उन्नयन के माध्यम से एआई प्रतिभा की व्यापक श्रृंखला विकसित कर रही है। इन पहलों का लक्ष्य युवाओं को बुनियादी, मध्यवर्ती और उन्नत एआई क्षमताओं से लैस करना है।

स्कूलों में एआई की आधारभूत साक्षरता

  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 – डिजिटल और एआई साक्षरता को आवश्यक कौशल माना गया है। इसमें कम्प्यूटेशनल सोच और एआई अवधारणाओं को सभी शिक्षा स्तरों में शामिल किया गया है, ताकि छात्र डेटा आधारित निर्णय और नैतिक एआई समझ विकसित कर सकें।

  • Artificial Intelligence and Computational Thinking (AI & CT) – कक्षा 3 से शुरू होने वाली यह पहल सीखने और सोचने की नई पद्धति को मजबूत करती है और धीरे-धीरे “AI for Public Good” की ओर बढ़ती है।

  • YUVAi (Youth for Unnati with AI) – MeitY और National e-Governance Division (NeGD) की पहल, जो कक्षा 8 से 12 के विद्यार्थियों को आठ विषयगत क्षेत्रों में व्यावहारिक एआई समाधान बनाने के लिए सक्षम बनाती है।

  • YUVA AI for All – 11 भाषाओं (असमिया, बांग्ला, गुजराती, हिंदी, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु) में मुफ्त राष्ट्रीय एआई साक्षरता पाठ्यक्रम, जिसे DIKSHA, iGOT Karmayogi और FutureSkills Prime के माध्यम से उपलब्ध कराया गया है। इसका लक्ष्य 1 करोड़ नागरिकों को एआई की आधारभूत समझ देना है।

व्यावसायिक और उद्योग आधारित प्रशिक्षण

  • Skill India Mission और SOAR Initiative – Ministry of Skill Development and Entrepreneurship (MSDE) द्वारा संचालित इस पहल में एआई को व्यावसायिक प्रशिक्षण में शामिल किया गया है। दिसंबर 2025 तक Microsoft, HCL Technologies और NASSCOM के सहयोग से 1.34 लाख छात्र और शिक्षक शामिल हुए।

  • FutureSkills Prime Initiative – MeitY और NASSCOM की साझेदारी वाली यह पहल एआई, बिग डेटा, क्लाउड कंप्यूटिंग और उभरती तकनीकों में पेशेवरों का कौशल उन्नयन करती है। इसमें 25.3 लाख से अधिक पंजीकृत शिक्षार्थी और 3,000 से अधिक पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं।

  • Skill India Digital Hub (SIDH) – यह मंच एआई और मशीन लर्निंग के शुरुआती से उन्नत स्तर तक प्रशिक्षण देकर आजीवन सीखने और क्षेत्रीय समावेशन को बढ़ावा देता है।

उन्नत एआई प्रतिभा और शोध पारितंत्र

  • IndiaAI FutureSkills – IndiaAI Mission के अंतर्गत यह पहल शोध और उच्च स्तरीय कौशल निर्माण के लिए फेलोशिप और विशेष प्रशिक्षण प्रदान करती है। दिसंबर 2025 तक 500 PhD शोधार्थी, 5,000 स्नातकोत्तर और 8,000 स्नातक छात्रों को समर्थन दिया गया।

  • IndiaAI Data and AI Labs – NIELIT के माध्यम से Tier-2 और Tier-3 शहरों में 27 लैब स्थापित की गईं और 27 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में ITI और पॉलिटेक्निक संस्थानों में 174 अतिरिक्त लैब स्वीकृत हुईं। इनका फोकस डेटा संग्रहण, एनोटेशन, साफ-सफाई और व्यावहारिक डेटा विज्ञान पर है।

कक्षा से लेकर उन्नत शोध प्रयोगशालाओं तक यह बहु-स्तरीय व्यवस्था व्यापक पहुंच, क्षेत्रीय संतुलन और उद्योग आधारित प्रशिक्षण सुनिश्चित करती है।

India-AI Impact Summit 2026 में युवाओं का सशक्तिकरण

यह समिट युवाओं और समावेशी प्रतिभा विकास को भारत के एआई परिवर्तन की धुरी के रूप में प्रस्तुत कर रहा है। वैश्विक चुनौतियों, नवाचार प्रदर्शनियों और नीति संवादों के माध्यम से युवा और महिला उद्यमियों को जिम्मेदार एआई समाधान विकसित करने का मंच मिला।

भारत की Sovereign AI दृष्टि में युवा

“Scaling Impact from India’s Sovereign AI and Data” सत्र में स्वदेशी एआई मॉडल, गहन शोध प्रतिभा और नवाचार पारितंत्र पर जोर दिया गया। कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और वित्तीय समावेशन जैसे क्षेत्रों में युवाओं को समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।

Algorithms से Outcomes तक

“From Algorithms to Outcomes” सत्र में MeitY के सचिव S. Krishnan ने कहा कि India AI Mission का लक्ष्य कंप्यूटिंग, मॉडल और डेटा को वास्तविक जीवन में उपयोगी समाधानों में बदलना है। 600 से अधिक स्टार्टअप और कंपनियों ने स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा और विनिर्माण क्षेत्रों के समाधान प्रस्तुत किए।

YUVAi Global Youth Challenge

IndiaAI Mission के अंतर्गत 13–21 वर्ष के युवाओं के लिए आयोजित इस चुनौती में 38 देशों से 2,500 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। 70 टीमों ने स्वास्थ्य, कृषि, जलवायु लचीलापन, सुगम्यता, डिजिटल भरोसा और स्मार्ट मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में समाधान प्रस्तुत किए। विजेताओं को आर्थिक पुरस्कार, मार्गदर्शन, इनक्यूबेशन और उद्योग सहयोग मिला।

AI by HER Global Impact Challenge

इस कार्यक्रम ने महिला और युवा नवप्रवर्तनकर्ताओं को एआई नवाचार के केंद्र में रखा। स्वास्थ्य, जलवायु, शिक्षा, फिनटेक, सुरक्षा और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना जैसे क्षेत्रों में समाधान पेश किए गए। 150 महिला-नेतृत्व वाले एआई स्टार्टअप के लिए विशेष क्षमता विकास कार्यक्रम की घोषणा हुई।

Global Dialogue on AI Usage – Labour Market Resilience

इस सत्र में एआई अपनाने के कारण रोजगार स्वरूप में आ रहे बदलाव और नीतिगत विकल्पों पर चर्चा हुई। शुरुआती संकेत बताते हैं कि एआई से अधिक प्रभावित भूमिकाओं में युवाओं पर रोजगार दबाव बढ़ सकता है।

AI Impact Startup Book

100 से अधिक एआई समाधानों को शामिल करते हुए इस संकलन का विमोचन किया गया। इसमें स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, foundation models और edge AI जैसे क्षेत्रों के उदाहरण शामिल हैं। इसका लक्ष्य पायलट परियोजनाओं को बड़े स्तर पर लागू करना है और भारत को आने वाले 12–18 महीनों में “use-case capital” बनाना है।

इन सभी पहलों से यह स्पष्ट होता है कि भारत युवाओं और लैंगिक विविधता पर आधारित समावेशी एआई पारितंत्र का निर्माण कर रहा है।

एआई में भारत की वैश्विक प्रतिभा नेतृत्व के संकेत

Viksit Bharat 2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए भारत में 50% से अधिक स्टार्टअप अब महानगरों के बाहर उभर रहे हैं।

मुख्य वैश्विक संकेतक:

  • Stanford Global AI Index Report 2025 के अनुसार भारत में एआई कौशल की उपलब्धता वैश्विक औसत से 2.5 गुना अधिक है।

  • NASSCOM AI Adoption Index के अनुसार भारत की 87% कंपनियां सक्रिय रूप से एआई समाधान अपना रही हैं।

  • भारत के पास डिजिटल रूप से सक्षम युवाओं का विशाल आधार है, जो बड़े पैमाने पर एआई कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं।

Guinness World Record – जिम्मेदार एआई अपनाना

IndiaAI Mission और Intel India के सहयोग से 24 घंटे में 2.5 लाख से अधिक लोगों ने AI Responsibility Pledge लेकर Guinness World Record बनाया। इस अभियान ने छात्रों और नागरिकों को डेटा गोपनीयता, गलत सूचना और जवाबदेही जैसे विषयों पर जागरूक किया। इससे जिम्मेदार डिजिटल नागरिकता और मानव केंद्रित एआई पारितंत्र को मजबूती मिली।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभर रही है। नीतिगत सहयोग, व्यापक कौशल विकास कार्यक्रम और डिजिटल अवसंरचना के लोकतंत्रीकरण के माध्यम से भारत अपनी जनसांख्यिकीय क्षमता को विश्वस्तरीय प्रतिभा पारितंत्र में बदल रहा है। India AI Impact Summit 2026 ने यह दिखाया कि युवा आधारित नवाचार, जिम्मेदार एआई अपनाना और उद्योग सहयोग मिलकर समावेशी और परिणाम आधारित विकास को दिशा दे रहे हैं। विकसित भारत की ओर आगे बढ़ते हुए युवाओं को एआई क्षमताओं से सशक्त बनाना देश की दीर्घकालिक उत्पादकता, लचीलापन और वैश्विक नेतृत्व के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगा।


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