कन्याकुमारी, 15 फरवरी । महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर देशभर के शिव मंदिरों में श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। इसी क्रम में तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले में पारंपरिक ‘शिवालय ओट्टम’ (पैदल दौड़) कार्यक्रम पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ आयोजित किया जा रहा है। इस अनूठी धार्मिक परंपरा के तहत श्रद्धालु 12 प्रमुख शिव मंदिरों तक दौड़ते हुए पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन करते हैं।
भक्ति, परंपरा और अनुशासन का अद्भुत संगम ‘शिवालय ओट्टम’ के रूप में कन्याकुमारी में देखने को मिल रहा है, जहां श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ भगवान शिव की आराधना में लीन हैं। महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में चारों ओर “गोविंदा… गोपाला…” के जयघोष गूंज रहे हैं, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ है। यह परंपरा जिले की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं।
वास्तव में शिवालय ओट्टम की शुरुआत जिले के पहले शिवालय मुंचिराई महादेवर मंदिर से होती है। तड़के सुबह से ही यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने लगी। श्रद्धालु केसरिया वस्त्र धारण कर, हाथ में पारंपरिक पंखा लिए “गोविंदा...गोपाला” के जयघोष के साथ दौड़ प्रारंभ करते हैं और क्रमशः सभी शिवालयों में पहुंचकर भगवान शिव के दर्शन करते हैं।
इस वर्ष महाशिवरात्रि का मुख्य आयोजन रविवार रात को होना है, जबकि शिवालय ओट्टम की शुरुआत एक दिन पहले ही हो चुकी थी। अधिकांश श्रद्धालुओं ने आज सुबह दौड़ की शुरुआत की। कई श्रद्धालु पूरे मार्ग को पैदल तय कर रहे हैं, जबकि कुछ कार और बाइक के माध्यम से भी इस धार्मिक आयोजन में शामिल हो रहे हैं।
शिवालय ओट्टम का समापन महाशिवरात्रि की मध्यरात्रि के समय जिले के 12वें और अंतिम शिवालय थिरुनत्तलम महादेवर मंदिर में होगा, जहां श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन कर अपनी धार्मिक यात्रा पूर्ण करेंगे।
इस आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई है और यातायात को नियंत्रित करने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आवागमन को देखते हुए जिले में भारी वाहनों के प्रवेश पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगाया गया है।
